LYRIC

लूटा है ज़माने ने
क़िस्मत ने मिटाया है
इक बार हंसाया था
इक बार हंसाया था
सौ बार रुलाया है
लूटा है ज़माने ने
क़िस्मत ने मिटाया है

दुनिया में वफ़ा कैसी
उल्फ़त भी है इक धोखा
दुनिया में वफ़ा कैसी
उल्फ़त भी है इक धोखा
ये दुनिया भी देखि है
ये दुनिया भी देखि है
ये धोखा भी खाया है

इस ग़म के अँधेरे में
अब याद नहीं ये भी
इस ग़म के अँधेरे में
अब याद नहीं ये भी
कब दीप जलाया था
कब दीप जलाया था
कब दीप बुझाया है

खामोश हूँ इस दर से
रुसवाई न हो तेरी
खामोश हूँ इस दर से
रुसवाई न हो तेरी
उमड़े हुए अश्क़ो को
उमड़े हुए अश्क़ो को
पलको में छुपाया है

लूटा है ज़माने ने
क़िस्मत ने मिटाए है.

LYRIC INFORMATION

Composer Anil Krishna Biswas
Lyricist Prem Dhawan
Cast Shekhar | Nalini Jaywant | K.N. Singh | Murad | Agha | Jagdish Sethi | Pratima Devi | Kamal
Director Anil Krishna Biswas

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